
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के पारा थाना क्षेत्र स्थित शकुंतला मिश्रा विश्वविद्यालय परिसर में मौजूद Bank of Baroda की शाखा इन दिनों सवालों के घेरे में है।
दर्जनों ग्राहकों का आरोप है कि उनके खातों से बिना किसी सूचना के लाखों रुपये निकाल लिए गए, और उन्हें भनक तक नहीं लगी।
खातों से पैसे गायब, ग्राहकों का फूटा गुस्सा
पीड़ित ग्राहकों का कहना है कि उन्होंने अपनी जीवनभर की जमा पूंजी बैंक में सुरक्षित समझकर रखी थी, लेकिन अब खाते खंगाले जा रहे हैं तो बैलेंस देखकर पसीना छूट रहा है
ग्राहकों ने आरोप लगाया कि पैसे बिना चेक या सूचना निकाले गए। बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत के बिना यह संभव नहीं। शिकायत करने पर संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
आक्रोशित ग्राहकों ने बैंक शाखा का घेराव किया और पारा थाने पहुंचकर न्याय की मांग की।
पुलिस जांच में जुटी, CCTV और Digital Trail खंगाले जा रहे
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने शिकायत दर्ज कर ली है। फिलहाल जांच के दायरे में हैं बैंक के CCTV फुटेज, डिजिटल ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड, कर्मचारियों की भूमिका, आंतरिक बैंक दस्तावेज।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच निष्पक्ष होगी और दोषी बख्शे नहीं जाएंगे।
बैंक में लगी थी संदिग्ध आग, अब उठे साजिश के सवाल
मामले ने उस वक्त और तूल पकड़ लिया जब ग्राहकों ने याद दिलाया कि कुछ दिन पहले इसी बैंक शाखा में संदिग्ध हालात में आग लगी थी।

उस समय बैंक मैनेजर ने खुद मुकदमा दर्ज कराया। खातों से पैसे गायब होने पर ग्राहकों को शक है कि कहीं आग सबूत मिटाने के लिए तो नहीं लगाई गई?
Bank Management का बयान
बैंक प्रबंधन ने माना है कि शाखा में अनियमितताएं सामने आई हैं। उनका कहना है कि ग्राहकों की रकम पूरी तरह सुरक्षित रहेगी। उच्चाधिकारियों ने आंतरिक जांच के आदेश दे दिए हैं। दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
हालांकि, ज़मीनी हकीकत से जूझ रहे ग्राहकों के लिए ये बयान अभी सिर्फ कागज़ी भरोसे जैसे लग रहे हैं।
जहाँ ग्राहक पासबुक में भरोसा ढूंढ रहे थे, वहीं बैंक में भरोसे की ही एंट्री डिलीट कर दी गई!
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